देख कबीरा रोया

जहॉं दु:ख शब्‍दों में उमड़ आया, जहॉं मन के भावों ने पाई काया....

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दास्ताने याक़ूब मेमोन

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आज भोर याक़ूब मेमोन को फांसी दे दी गयी. क्योंकि वे सारे उपलब्ध वैधानिक रास्ते नहीं बचे जिनके चलते उसकी सजाये मौत आजीवन कारावास में तब्दील होती हालांकि इस बात की पुरज़ोर कोशिशें की गयी की उसे यह राहत मिले. परन्तु ऐसा नहीं हो पाया. कल उसके वकीलों ने अनेक दलीलें पेश कर फांसी रुकवाने की प्रचेष्टा की मगर वे भी असफल रहे . लिहाज़ा आज सुबह 6 बज कर ३० मिनट के समय उसे फांसी पर लटका दिया गया.
बहरहाल इस फांसी को ले कर जिस तरह गत तीन हफ़्तों से जिस तरह के विवाद कुछ लोगों ने खड़े किये, उनमें स्पष्ट तौर पर राजनीती की बदबू भरी थी. हर कोई और ख़ास कर ओवैसी जैसे राजनीतिज्ञ अपनी-अपनी रोटियां सेंकने में लगे थे. याक़ूब को मृत्युदंड देने से पहले एक लम्बी कानूनी प्रक्रिया चली. अनेक गवाहियों और दस्तावेजों के आधार पर टाडा कोर्ट ने याक़ूब ko यह सजा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरक़रार रखा बल्कि इस केस को सुप्रीम कोर्ट में एक नहीं तीन दफा घसीटा गया. दो बार राष्ट्रपति के पास दया याचना के लिए भेजा गया. एक बार महाराष्ट्र के राज्‍यपाल महोदय के समक्ष बतौर दया याचना के लिए भेजा गया. हर बार असफलता हाथ लगी. कुल मिला कर देश की न्यायपालिका और इस देश के सर्वोच्च कमांडर याने राष्ट्रपति महोदय ने इसके हर पहलू पर विचार कर के निर्णय दिया याने मुज़रिम को खुद को अपनी बेगुनाही साबित करने का पूरा पूरा समय और अवसर दिया गया. इस के बावजूद इसे राजनीती या किसी धर्म से जोड़ के देखने वालों की कमी नहीं. ऐसे लोगों की जितनी भर्त्सना की जाए थोड़ी होगी. ज़ाहिर है ऐसे लोग राष्ट्र का भला कतई नहीं चाहते. देश का यह दुर्भाग्य है की आज इस तरह के मामलों में भी लोग हिन्दू-मुस्लिम भेदभाव की बात करते हैं जो की सरासर गलत है. आतंकवाद की साज़िश में शामिल होने वाले आतंकवादी का धर्म बेगुनाहों को मारना है. वो न कोई हिंदू है न मुसलमान. उसका मज़हब तो सिर्फ आतंकवाद फैलाना है, लिहाज़ा वो मानवता का दुश्मन है, अपराधी है, कड़ी से कड़ी सजा का हक़दार है.ऐसे व्यक्ति की तरफदारी करने वालों को (जिसने 257 बेगुनाहों की हत्या में अहम भूमिका निभायी) भी इस साज़िश में शामिल माना जाए तो इनकी अक़्ल दुरूस्त होगी, हालांकि यह कानूनी तौर पर संभव नहीं है परन्तु देश की जनता इतना तो कर ही सकती है की अगले चुनावों में ऐसे लोगों को करारी शिकस्त दे.

- ओपीपारीक43oppareek43



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