देख कबीरा रोया

जहॉं दु:ख शब्‍दों में उमड़ आया, जहॉं मन के भावों ने पाई काया....

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अर्नेस्ट हेमिंग्वे - एक श्रद्धांजलि

Posted On: 25 Jul, 2015 Others,Junction Forum,Hindi Sahitya में

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” Writing at its best is a lonely life for the writer”  ( EARNEST HEMINWAY)

“हालाँकि हेमिंग्वे का स्वर्गवास हुए अनेकों साल बीत चुके हैं पर यह महान लेखक अपने पाठकों के दिलों में हमेशा ज़िंदा रहेगा. हेमिंग्वे का जीवन अनेक उथल पुथल और रोमांचक घटनाओं से भरा हुआ था कहना होगा कि जैसा उन्होंने लिखा वैसा जीवन भी जिया. वे खतरों से खेलने के आदी थे. विश्व युद्ध में जम कर भाग लिया. मोटर दुर्घटना में बाल बाल बचे. दो बार भयावह विमान दुर्घटनाओं से भी ज़िंदा बच निकले. उनके जीवन में ऐसी दसियों घटनाएँ घटित हुई जब उन्होंने मौत से आँख-से-आँख मिला कर भी उसे धता बता दिया. आखिर मरे भी तो गलती से (भरी हुयी) अपनी ही बन्दूक कि गोली से जिसकी वे एकदिन सफाई कर रहे थे. जो मौत उन्हें युद्धक्षेत्र और दुर्धर्ष खतरों के दौरान नहीं हरा सकी उसने उनके घर में आकर प्राणों की बलि लेली. यह कैसी विडम्बना थी.


वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जो साहित्यकार होने के साथ साथ सच्चे मायने में खतरों के खिलाडी भी थे. साहसऔर एडवेंचर उनका सहगल रहा याने जैसा लिखना वैसा जीना उनका सिद्धांत था . मेरा उनके लेखन से तब परिचय हुआ जब मैं कालेज का छात्र था और मैंने उनके दो उपन्यास कलकत्ता कि चौरंगी रोड वाली अमेरिकन लायब्रेरी में पढ़े. उनका For Whome the bell tolls युद्ध कि विभीषिका पर आधारित एक ऐसा उपन्यास है जो विश्व साहित्य में हमेशा अमर रहेगा.
सं 1954 में जब उन्हें नोबेल पुरस्कार से नवाज़ा गया तो उन्होंने पत्रकारों से कहा कि “मुझसे कहीं पहले तो इस पुरस्कार के हक़दार कार्ल सैंडबर्ग, आइजक दिइनेसन व ननद बेरेसन आदि लेखक हैं इसलिए इस नोबेल प्राईज़ में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है., क्योंकि मुझसे बेहतर और अनेक लेखक हैं जिन्हे नोबेल मिलना चाहिए” इस प्रकार उन्होंने नोबेल पुरस्कार समारोह में स्वयं नहीं जा कर अपने देश के राजदूत जॉन सी. केबोट को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया और अपनी नोबेल स्पीच लिख कर भेज दी जो राजदूत महोदय ने ज़र्मनी में पढ़ कर सुनाई. उनकी यह स्पीच भावी साहित्यकारों के लिए एक पठनीय एवं प्रेरणास्पद स्पीच है. मैं इस महान साहित्यकार को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.

- ओपीपारीक43oppareek43



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