देख कबीरा रोया

जहॉं दु:ख शब्‍दों में उमड़ आया, जहॉं मन के भावों ने पाई काया....

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मुलायम, आज़मख़ाँ और अमित शाह का क्या करें

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चुनाव आयोग ने आज़म खान और अमित शाह की रैलियों पर प्रतिबन्ध लगा दिया है. अच्छा किया. मगर क्या ये लोग अब भी बाज़ आयेंगें. इस पर संदेह है. आज़म खान ने तो एक ऐसा वक्तव्य दिया जिसे “देशद्रोह” की श्रेणी में रखना उचित होगा और उसी हिसाब से इस आदमी को सजा मिलनी चाहिए परन्तु मुलायम और उसके बेटे ने तो हद ही कर दी कि इतनी गलत बयानबाज़ी के बावजूद दोनों बाप बेटे आज़म का पक्ष ले रहे हैं. ये भी उतने ही दोषी हैं जितना कि आज़म खान और इन्हें भी सजा मिलनी चाहिए. आज़म खान और अमित शाह को तो अब तक जेल के सींकचों के पीछे हों चाहिए था, मगर यह देश का दुर्भाग्य है कि ऐसे लोग छुट्टे घूम रहे हैं.

प्रधान मंत्री पद के दावेदार अमित शाह जेल काट चुके हैं. उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव अभियान का प्रभारी बनाना इस बात का द्योतक है कि मोदी बाबू किस चरित के व्यक्ति हैं. एक नेता जो उनकी केबिनेट में गृह मंत्री था और जिस पर संगीन जुर्मों के अभियोग लगे हैं उसे इस प्रकार कि जिम्मेदारी देना कहाँ तक उचित है, इसका जवाब मोदी नहीं देते.

उत्तर प्रदेश में सत्तासीन पार्टी याने समाजवादी पार्टी तथा बी.जे.पी. दोनों ध्रुवीकरण कि राजनीति खेल रहे हैं जो देश के लिए घातक सिद्ध होगी. उत्तर प्रदेश का मुसलमान और हिन्दू दोनों ही इस चुनाव में समाजवादी पार्टी को करारा जवाब देंगें, यह मेरी भविस्यवाणी है. मुलायम का बिलकुल सफाया हो जाएगा. मुजफ्फरनगर में जो कुछ हुआ उसने मुसलमानों कि आँखें खोल दी है. वे भाईचारे और सद्भाव के साथ जीवन बिताना चाहते हैं पर राजनीतिज्ञ अपने स्वार्थों के लिए साम्प्रदायिकता का घिनौना खेल खेलते हैं. अब ये सब नहीं चलने वाला है. मायावती भ्रष्ट जरूर थी परन्तु सांप्रदायिक कतई नहीं है; यह बात गौर तालाब है. उनके राज में वे अपना एक छत्र शासन चलाती थी पर मुलायम के राज में तो पांच-पांच मुख्य मंत्री हैं याने मुलायम, अखिलेश, धर्मेन्द्र, रामगोपाल और शिवपाल यादव. इन्हें जरा भी शर्म नहीं आती जब ये कांग्रेस पर वंश वाद का आरोप लगाते हैं जबकि इनसे बड़ा वंशवादी भारतीय राजनीती में शायद ही कोई होगा. क्या अक्ल है शिवपाल में कि उसे मंत्री बना दिया. अखिलेश कि प्रशासनिक क्षमता का खामियाजा उत्तर प्रदेश कि जनता भुगत रही है. खुले आम गुंडों का राज है इस उत्तर प्रदेश में. .

- ओपीपारीक43 oppareek43



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