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मोदीजी ! क्या आप भी कांग्रेस की लीक पर चल निकले?

Posted On: 24 Feb, 2016 में

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JNU काण्ड पर स्पष्ट बात कहने के बजाय मोदीजी ने कुछ ऐसा कहा जिस से देशवासियों का माथा घूम गया और उन्हें एकदम से मैडम इंदिरा गांधीजी की याद आ गयी. इंदिरा गांधी सरकार की गलतियों को जब-जब विरोधियों और मीडिया ने जनता के समक्ष रखा तो उनका पिटा-पिटाया जुमला होता था – “इसमें विदेशी ताकतों का हाथ (foreign hand ) हाथ है. ठीक उसी तर्ज़ पर मोदीजी ने कह डाला की इसमें कोई बड़ी साज़िश है और उस साज़िश में विदेशी संस्थाओं ( Foreign NGOs ) का हाथ है. अरे भाई कितना आसान था इंदिरा गांधी के लिए इस तरह का दोषारोपण कर अपनी गलतियों पर पर्दा डालना , जिसकी कालांतर में कलई भी खुल गयी थी और अब उतना ही आसान है मोदीजी के लिए अपनी सरकार की अकर्मण्यता का दोष “फॉरेन हैंड” पर मढ़ने में. चलिए मान लेते हैं ऐसी कोई साज़िश काम कर रही है और कुछ विदेशी संस्थाएं (NGOs ) भी उस साज़िश में शामिल है तो फिर देर किस बात की. इस साज़िश का पर्दाफाश कीजिये और दोषियों को सज़ा दिलाने का बंदोबश्त कीजिये. पर ऐसा नहीं होगा क्योंकि ऐसे वक्तव्य देने वाले राजनीतिज्ञों की असलियत हम सभी जानते हैं और मोदीजी कोई उनसे अलग किस्म के राजनीतिज्ञ नहीं है. वैसे उनके चाहने वाले उनको ईश्वर का भेजा देवदूत मानते हैं जो अगले पांच साल में देश के सारे मसलों को दुरुस्त सही कर देगा..


इसी का एक नमूना और देखिये. ज्ञातव्य है की वोडाफोन पर 14000 करोड़ की डिमांड आयकर विभाग ने कोई दो साल पहले डाली और यह विदेशी कंपनी विभाग के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में चली गयी. जहां यह मामला अभी तक विचाराधीन है. इस डिमांड की जड़ में UPA सरकार का वह फैसला है जिसके अंतर्गत सम्बंधित कानून को आरम्भ से (retrospectively ) लागू कर इस तरह कंपनी पर 14000 करोड़ कर’ (income tax ) की मांग डाली गयी. जिसके चलते भारत में निवेश करने वाली अनेक कंपनियों ने हाथ खींच लिए. मोदीजी की सरकार के वित्त मंत्री श्री जेटलीजी ने यह आश्वासन दिया था कि हम किसी भी कानून को अब पीछे से ले कर (याने retrospectively ) नहीं लागू करेंगें. लेकिन अचानक आयकर विभाग ने, इसी महीने, वोडाफोन को 14000 करोड़ के भुगतान का नोटिस दे डाला जिस से उद्योग जगत एवं विदेशी निवेशकों में हड़कम्प मच गया.. अब सबसे गौरतलब बात है की केंद्रीय दूर संचार मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने आयकर विभाग को फटकार लगाने के बजाय, प्रतिक्रिया में . इस सारे किस्से को विदेशी ताकतों की साज़िश बता कर पल्ला झाड़ लिया. दरअसल वे बिचारे और करते भी क्या ? आखिर बॉस जो कहे वही तो उन्हें दोहराना है.. मोदीजी के ये सारे मंत्री ” “हिज मास्टर्स वॉइस” ही तो है. अगर उनसे अलग हट के बोलेंगें तो समझिए नौकरी गयी.


बहरहाल, मोदीजी से मेरा विनम्र निवेदन है की कांग्रेसियों की लीक पर चलना छोड़ें और देश की बागडोर को मज़बूती से सम्भाल कर चलें, इसी में देश का और उनका अपना भला है. .


-ओपीपारीक43 oppareek43



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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jitendra Mathur के द्वारा
February 24, 2016

आप बिलकुल ठीक कह रहे हैं पारीक जी । प्रधानमंत्री महोदय को इस संबंध में सचेत हो जाना चाहिए अन्यथा कालांतर में वे भी अस्सी के दशक के कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों की भाँति ही उपहास का पात्र बन जाएंगे ।


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