देख कबीरा रोया

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जिन्होंने पाकिस्तान को बर्बाद किया

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श्री नरेंद्र मोदी की हालिया UAE यात्रा एक ऐतिहासिक कदम है . वे देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने इस देश के साथ उच्च स्तरीय वार्तालाप, समझौते और आतंकवाद के खिलाफ साजः काम करने की पहल की है. इस से पाकिस्तान को सबक लेना चाहिए क्योंकि वैसे तो पाकिस्तान और UAE दोनों ही मुस्लिम राष्ट्र हैं परन्तु दोनों की नीतियों में जमीन आसमान का अंतर है. जहां एक ओर यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE ) एक आधुनिक शहरी, अमन-पसंद, सहिष्णु तथा प्रगतिशील देश है जिसकी आर्थिक उपलब्धियां अपने आप में एक मिसाल है. वहीँ पर दूसरी ओर पाकिस्तान एक कट्टर इस्लामी, असहिष्णु, अल्पसंख्यकों का दमन करने वाला और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश है . पाकिस्तान की आर्थिक विपन्नता वहाँ की आम जनता के लिए अभिशाप बन चुकी है.


पाकिस्तान की इन आत्मघाती नीतियों के लिए कौन जिम्मेदार है. कौन है वे लोग जिन्होंने इस मुल्क को बर्बाद किया हुआ है. अब तो यह जग जाहिर हो चूका है कि इस पाकिस्तान की बर्बादी के लिए वहाँ की सेना, मुल्ले और ISI जिम्मेदार हैं. वहाँ जो भी निर्वाचित सरकार आती है उसे सेना अपनी कठपुतली बना कर रखती है. अगर ये सरकार सेना की बात नहीं माने तो सैनिक विद्रोह(coup ) के जरिये जनरलों की तानाशाही शासन पर काबिज हो जाती है. सेना और ISI मिल कर देश का शासन चलते हैं जैसा की जनरल परवेज़ मुशर्रफ के शासन काल में हुआ. आज भी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ की एक नहीं चलती याने सबकुछ सेना के भरोसे होता है.


२३ अगस्त को जो दोनों देशों के राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकारों की मीटिंग हो रही है उसमें खलल डालने के लिए भी सेना ने भरपूर कोशिस की है. LOC पर गोलाबारी, कश्मीर में आतंकवादी हमले और हुर्रियत को तरजीह दे कर पाकिस्तानी जनरल शरीफ वार्ता को विफल करने की साजिश रचने में मशगूल हैं. उनके इस रवैये के मद्देनज़र खुद नवाज शरीफ सेना को इस वार्ता में शामिल करने की सिफारिश कर रहे हैं जो कुछ हद तक सही भी है. क्योंकि नवाज शरीफ जानते हैं की अगर उन्होंने कोई ऐसा फैसला लिया जो सेना को रास ना आये तो उस फैसले पर अमल करना नामुमकिन है. यहां तक की सेना उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा कर देश का शासन खुद अपने हाथ में ले सकती है. शरीफ के साथ ऐसा पहले भी हुआ है इस लिए वो फूक फूक कर कदम उठा रहे हैं.


सेना का आक्रामक रवैया देखते हुए लगता नहीं की ये वार्ता सफल हो पाएगी पर कहना चाहिए कि उम्मीद पे दुनिया जीती है . फिलहाल पाकिस्तान के सेना जनरल और उनके मुखिया राहील शरीफ चप्पी लगाये हैं परन्तु मौका आने पर वार करेंगें. कुल मिला कर पाकिस्तानी सेना और ISI दोनों मिल कर अपने मुल्क को बर्बाद करने पर आमादा हैं.


- ओपीपारीक43oppareek43



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